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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रौद्योगिकी साझेदारों के लिए एक  विशेष सम्मेलन का किया आयोजन। 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने नई दिल्ली में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के प्रौद्योगिकी साझेदारों के लिए एक विशेष सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में सरकारी और निजी क्षेत्र के 40 से अधिक हेल्थ टेक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न तरीकों से भारत के डिजिटल हेल्थ इको-सिस्टम को और मजबूत करने के बारे में चर्चा की।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, एनएचए के सीईओ डॉ. आर.एस. शर्मा ने कहा – “एबीडीएम का मुख्य उद्देश्य देश के दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना है। बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने और डॉक्टरों तक पहुंच कायम करने के लिए, एबीडीएम ने स्वास्थ्य संबंधी सभी गतिविधियों को ऑनलाइन करने की परिकल्पना की है। इसके लिए यह जरूरी है कि हम एबीडीएम द्वारा बनाई जा रही एचपीआर (हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री) और एचएफआर (हेल्थ फैसिलिटीज रजिस्ट्री) की राष्ट्रीय रजिस्ट्रियों में स्वास्थ्य पेशेवरों और स्वास्थ्य सुविधाओं को शामिल करें। हेल्थ टेक साझेदार प्रकाशित ओपन एपीआई का उपयोग करके पेशेवरों और सुविधाओं को ऑनबोर्ड करने के लिए अपेक्षाकृत छोटे प्रयासों के बल पर अभिनव समाधान निकाल सकते हैं। वे अन्य छोटे साझेदारों को एबीडीएम ऑनबोर्ड प्रक्रिया पर प्रशिक्षित कर सकते हैं और एचएफआर/एचपीआर में पंजीकरण के लाभों के बारे में जागरूकता फैला सकते हैं।”

डॉ. शर्मा ने कहा, “हम हेल्थ टेक साझेदारों से भी इनपुट मांगते हैं कि कैसे हम डिजिटल पब्लिक गुड (डीपीजी) के निर्माण, एनआईसी द्वारा तैयार की गई ऑनलाइन आरक्षण प्रणाली (ओआरएस), एनआईसी / सीडीएसी द्वारा ब्लड बैंक जैसे डीपीजी के दायरे का विस्तार करने, व्यापक टीकाकरण, एनओटीटीओ, और उन्हें अधिक संरचित और आसानी से अनुकूलनीय तरीके से अंतिम-उपयोगकर्ताओं तक ले जाने के लिए इको-सिस्टम को सक्रिय कर सकते हैं।”

एबीडीएम की टीम ने योजना के बारे में नवीनतम जानकारी, एबीडीएम के तहत आने वाली सुविधाओं और रास्ते में आने वाली चुनौतियों पर कुछ सूचनाप्रद सत्र आयोजित किए। प्रत्येक सत्र के बीच, मंच को खुली चर्चा और प्रतिक्रिया सत्र के लिए खुला छोड़ दिया गया था। प्रतिभागियों ने अपने जमीनी अनुभव और बाजार की गहरी समझ के साथ-साथ उपयोगकर्ता के व्यवहार के आधार पर महत्वपूर्ण सीख और सुझाव साझा किए।

एनएचए टीम ने एबीडीएम के साथ एकीकृत 40 डिजिटल हेल्थ सॉल्यूशन के डेवलपर को प्रमाणपत्रों के साथ सम्मानित भी किया। सम्मेलन के प्रतिभागियों ने नीचे दिए गए एबीडीएम एकीकृत समाधानों का प्रतिनिधित्व किया (श्रेणी-वार सूचीबद्ध, किसी विशेष क्रम में नहीं):

• एनआईसी द्वारा ई-हॉस्पिटल, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) नोएडा द्वारा ई-सुश्रुत, अपोलो हॉस्पिटल्स द्वारा मेडमंत्रा, प्लस 91 टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मेडीएक्ससेल, ओर्बी हेल्थ द्वारा एकाकेयर, थॉटवर्क्स टेक्नोलॉजीज द्वारा बहमनी, डॉकऑन टेक्नोलॉजीज द्वारा डॉकऑन, डॉक्टरों के लिए बजाज फिनसर्व हेल्थ और बजाज फिनसर्व हेल्थ लिमिटेड द्वारा बजाज फिनसर्व हेल्थ ऐप, ड्रूकेयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ड्रूकेयरवन, नारायण हेल्थ लिमिटेड द्वारा अथमा और पिरामल स्वास्थ्य प्रबंधन और अनुसंधान संस्थान द्वारा अमृत जैसे एचएमआईएस समाधान।

• डॉ. लाल पैथलैब्स लिमिटेड द्वारा पेशेंट रजिस्ट्रेशन एप्लीकेशन, एसआरएल लिमिटेड द्वारा केंद्रीकृत प्रयोगशाला सूचना प्रबंधन प्रणाली (सीएलआईएमएस) और क्रेलियो हेल्थ सॉफ्टवेयर द्वारा क्रेलियोहेल्थ जैसे एलएमआईएस समाधान।

• प्रैक्टो टेक्नोलॉजीज द्वारा प्रैक्टो, वेराटन हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड द्वारा वेराटन हेल्थ, मार्शा हेल्थकेयर द्वारा मार्शा हेल्थ क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (सीडीएसएस), एनईसी सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस इंडिया द्वारा इंडियन ज्वाइंट रजिस्ट्री (आईजेआर), वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड द्वारा पेटीएम, रिलायंस डिजिटल हेल्थ लिमिटेड द्वारा जियो हेल्थहब, रक्सा हेल्थ इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा रक्सा, इनफॉर्मडीएस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा डॉक्सपर, आरगुसॉफ्ट इंडिया लिमिटेड द्वारा मेडप्लेट, जीएचवी एडवांस्ड केयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रिस्टिन केयर, एलाफाइड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा एएलए केयर और क्योरलिंक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा क्योरलिंक जैसे हेल्थ टेक सॉल्यूशन।

• राष्ट्रीय सूचनाविज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा आरोग्य सेतु, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन द्वारा डिजिलॉकर, डीआरइफकेस हेल्थटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा डीआरइफकेस और डॉकप्राइम टेक्नोलॉजीज द्वारा डॉकप्राइम जैसे पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड (पीएचआर) ऐप

• स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कोविन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय टीबी डिवीजन द्वारा निक्षय, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव, अंडमान के स्वास्थ्य विभाग द्वारा ई-आरोग्य, आंध्र प्रदेश मेडिकल कर्मचारियों के लिए एपी हेल्थ ऐप, आंध्र प्रदेश स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा और ईएचआर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संस्थान (एनआईएचएफडब्ल्यू) द्वारा सीपीएचसी-एनसीडी सॉफ्टवेयर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा लेनदेन प्रबंधन प्रणाली (टीएमएस) और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) लाभार्थी पहचान प्रणाली (बीआईएस), राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीएचसीपी), पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली, एनआईसी द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ (आरसीएच) पोर्टल और अनमोल एप्लीकेशन और सी-डैक मोहाली द्वारा ई-संजीवनी जैसे केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा विकसित अन्य हेल्थ टेक सॉल्यूशन।

एबीडीएम साझेदारों से प्राप्त फीडबैक के बारे में, एबीडीएम के अपर सीईओ और मिशन निदेशक डॉ. प्रवीण गेदम ने कहा – “इंटीग्रेटर्स के साथ चर्चा बहुत सार्थक थी। हमें विभिन्न एचएमआईएस, एलएमआईएस, हेल्थ टेक, हेल्थ लॉकर और अन्य सॉल्यूशन प्रदाताओं द्वारा रोगियों के साथ-साथ डॉक्टरों के ऑनबोर्डिंग में आने वाले तकनीकी मुद्दों पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली। व्यावहारिक चुनौतियों पर उनके दृष्टिकोण और प्रक्रिया संबंधी सुधार पर सुझावों को एबीडीएम टीम द्वारा विधिवत नोट किया गया है। हम इन्हें शामिल करने और एक अधिक मजबूत इको-सिस्टम विकसित करने के लिए तत्पर हैं।”

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