भारतीय किसान यूनियन ने तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर रखी अपनी माँगे|


देश का पेट भरने वाले किसान जिन्हें अन्नदाता भी कहा जाता है|वह किसान आज भारी संकट से जूझ रहा है|वह किसान जो दिन रात किसानी कर अपने परिवार के साथ पुरे देश को पालता है|और वही किसान एक एक रूपये के तरसता नजर आता है|किसानी कर जो किसान फसल उगाता है|उसका उसको सही दाम नही मिल पाता|जिसका प्रभाव खरीद कुरवाई पर पड़ रहा है|लॉक डाउन के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है|जिससे भरपाई हेतु सरकार द्वारा कोई भी सीधी सहायता किसान को नहीं मिली है|इस बीच सरकार द्वारा वन मंडी आवश्यक वस्तु अधिनियम के चलते सर्वाधिक विद्युत अधिनियम संशोधन जैसी कानून लाकर किसानों की कमर तोड़ने का कार्य किया जा रहा है|सरकार द्वारा लगाई गई डीजल पर भारी-भरकम एलाइज ड्यूटी भी किसानों की कमर तोड़ रही है|भारतीय किसान यूनियन द्वारा आयोजित तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन के माध्यम से नियम मांग करी है|देश में डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं जिसका सीधा असर सर्वजनिक परिवहन माल भाड़े किसानों पर पड़ रहा है जिसमें देश में किसान मजदूर प्रभावित हो रहे हैं पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी दायरे में लाया जाए पेट्रोलियम पदार्थ और रेट पूरे देश में एक समान किए जाये|लॉकडाउन के अंतर्गत फल सब्जी दूध पोली मधुमक्खी पालन फूल उत्पादक किसानों को नुकसान की भरपाई हेतु भारत सरकार द्वारा अभिलंब 15 लाख करोड़ का पैकेज किया जाए इस मौके पर नवनीत बिश्नोई राहुल चौधरी समर पाल सिंह ऋषि पाल सिंह वरिष्ठ नेता बीरबल सिंह श्याम सिंह रामकला सिंह सुखबीर सिंह जितेंद्र बिश्नोई कुलदीप सिंह आदि लोग मौजूद रहे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *