ग्रामीणों ने लगाया राशन डीलर पर राशन न देने का आरोप |

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश मे 21दिन के लोक डाउन की घोषणा की थी।केंद्र सरकार ने सभी राज्यो की सरकारों को निर्देश दिए थे कि लोके डाउन के दौरान कोई भी व्यक्ति भूखा,प्यासा ना रहे। राज्य सरकार ने सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को इसके लिए कड़े निर्देश जारी किए थे।लेकिन बात अगर हम इसकी जमीनी हकीकत की करे तो आज भी कुछ लोग सरकार की इन योजनाओं से महरूम है।जिनका लाभ उन्हें मिलना चाहिए था। लेकिन क्षेत्रीय पार्षद की मनमानी कहे या जिमेदार अधिकारियों का अपने काम के प्रति जागरूक न होना।जिसके चलते जमकर गरीबो का शोषण व उत्पीड़न किया जा रहा है।लोग भुखमरी के कगार पर आ चुके हैं।लोगों का घर का राशन तक खत्म हो चुका है। लेकिन क्षेत्रीय पार्षद और राशन गल्ला स्वामी इस ओर ध्यान देने को तैयार नही है।ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जनपद मुरादाबाद के थाना पाकबड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बागड़पुर में।जहां ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान इरफान उनके साथ पक्षपात करता है। और उनकी किसी भी समस्या का समाधान नहीं करता है।जब हम लोग राशन लेने राशन की दुकान पर जाते हैं तो राशन डीलर डीलर प्रेमपाल सिंह भी हमें राशन देने से मना कर देता है।कहता है कि तुम्हारा अंगूठा का निशान नहीं आ रहा है।तुम्हारे यूनिट चढे नहीं है।तरह तरह के बहाने बनाता है।ओर बिना राशन दिये हमें वापस कर देता है।जिसके चलते हैं हम लोग भुखमरी की कगार पर हैं। लेकिन हमारी कोई नहीं सुन रहा है।अब यदि ग्रामीणों के आरोप सत्य है तो राशन डीलर का इस समय यह रवैया अपने आप मे बड़ा सवाल खड़े करता है।लेकिन सोचने वाली बात यह है जबकि केंद्र सरकार इस महामारी में पहले ही बोल चुकी है कि किसी को भी भूखा नही सोना पड़े।तो क्या यह राशन डीलर का इस तरह का व्यवहार किस हद तक सही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *