अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक युवती ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान साधा |

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कल आठ मार्च को देश भर में भले ही अनगिनत कार्यक्रम क्यों ना आयोजित होने वाले हो, लेकिन मुरादाबाद में पिछले दो महीनों से इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही एक युवती ने ऐसे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को ही दरकिनार करते हुए, योगी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए है आपको बताते चले मामला जनवरी के शुरुआत में उस समय सुर्खियों में आया जब पड़ोसी राज्य उत्तराखण्ड की रहने वाली एक पढ़ी लिखी युवती ने मुरादाबाद निवासी एक युवक पर आरोप लगाते हुए पुलिस से गुहार लगाई थीं, जिसमें उसने कहा था कि जमाल नाम के युवक ने उससे सोशल मीडिया पर दोस्ती बढ़ाई और फिर बहाने से मुरादाबाद बुलाकर एक होटल में रखते हुए साथ दुष्कर्म किया, उसके बाद जब पीड़िता ने आरोपी युवक पर शादी का दबाव बनाया ,तो युवक और उसके परिवार ने पीड़िता को धर्मपरिवर्तन करके मुश्लिम होने को कहा, और उसके साथ मारपीट भी की, ये घटनाक्रम दिसंबर 19 के है, जिसके बाद से पीड़ित ने एसएसपी के सामने पेश होकर अपनी बात रखी थी, जिसमें जाँच के बाद शिकायत सही पाए जाने पर पीड़ित की तरफ से आरोपी युवक जमाल उसका भाई तैय्यब और उसके पिता के खिलाफ धारा 376, 506 और 420 जैसी गम्भीर धाराओं के तहत मुरादाबाद के महिला थाने में 23 जनवरी को मुकदमा भी दर्ज हो गया , और पीड़िता को नारी निकेतन भेज दिया गया था, लेकिन अब इस प्रकरण जो सामने आया या वो बेहद चौकाने वाला है, क्योंकि पीड़िता पिछले दो-तीन महीने से मुरादाबाद में ही है और इंसाफ के लिए भटक रही है, और पुडित ने जो कैमरे के सामने बताया वो तो और भी डरावना और भयावह है, पीड़ित ने बताया कि वो रात में रेलवे प्लेटफार्म भी रहने को मजबूर है, कभी वह किसी धर्मशाला में रुक जाती है, पीड़िता ने मुरादाबाद की योगी पुलिस पर भी कई सवाल खड़े कर दिए है, क्योंकि एफआईआर होने के बाद भी आरोपियों पर पुलिस कोई कार्यवाही करने को तैयार नही है, जब तक उसे इंसाफ नही मिल जाता है वह मुरादाबाद छोड़ कर नही जाएगी, ऐसा लगता है शायद मुरादाबाद पुलिस किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही है, की कब इस पीड़िता के साथ कोई अनहोनी हो और पुलिस इसे एक घटना बता कर फ़ाइल बन्द कर दे, इस मामले में पहले दिन से ही पुलिस का कोई भी अधिकारी कैमरे पर आकर कुछ भी कहने से बचता रहा है |